पूर्व पार्षद तथा वरिष्ठ भाजपा नेता इंद्र अग्रवाल ने आज नगर निगम वेतन घोटाले के बारे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि बेहद स्वच्छ छवि वाले तथा मेहनती निगम कमिश्नर संदीप ऋषि द्वारा संदिग्ध छवि वाले तथा करोड़ों के वेतन घोटाले में जांच समिति के राडार पर आए DCFA को जांच मुक्कमल हुए बगैर उसी सीट पर दोबारा की गई तैनाती बिना राजनीतिक दवाब या राजनीतिक हस्तक्षेप के नहीं हो सकती ।
इंद्र अग्रवाल ने कहा एक तरफ CM भगवंत मान भ्र्ष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस के खोखले दावे कर रहे हैं दूसरी तरफ नगर निगम लुधियाना में भृष्टाचार का नंगा खेल खेला जा रहा है
अग्रवाल ने कहा इस वेतन घोटाले के उजागर होने के बाद पहले 44 लोग इस घोटाले स्लिंप्त पाए गए फिर जब जांच आगे बढ़ी तो यह संख्या बढ़ कर 59 हो गयी ओर अब उन्हें निगम सूत्रों से पता चला है और इस घोटाले में शामिल लोगों की संख्या 110 हो चुकी है और फ़र्ज़ी लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई राशि भी 5 करोड़ से बढ़ कर 15-20 करोड़ भी हो सकती है
इंद्र अग्रवाल ने कहा " यह स्पष्ट है कि इतनी बड़ी राशि ओर इतना बड़ा घोटाला अकॉन्ट्स ब्रांच के बड़े अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं जो सकता और इस वेतन घोटाले में फंसे DCFA पंकज गर्ग की दोबारा उसी सीट पट तैनाती करके जिस भृष्ट अधिकारियों को सरंक्षण तथा भृष्टाचार को बढ़ावा दिया गया उसके लिए लुधियाना के जिला उपायुक्त तथा पुलिस कमिश्नर को CM भगवंत मान के ताजा आदेशों के अनुसार इस प्रकरण में हस्तक्षेप करके तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए"
अग्रवाल ने यह भी कहा कि नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि को यह तैनाती तुरंत रद्ध करनी चाहिए तथा जांच समिति को अपनी जांच जल्द से जल्द पूरी करके ना केवल इस घोटाले में पाए जाने वाले भृष्ट अधिकारियों को निलंबित करके गिरफ्तार करने की सिफारिश करनी चाहिए बल्कि उनकी चल अचल संपत्ति से जनता के खून पसीने की कमाई की एक एक पाई वसूलनी चाहिये
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